सफलता का मूल मंत्र

                                   

सफलता का मूल मंत्र 




  हिम्मत बॅंधलों तुम अपने जहन में 
बहुत दूर तुम्हें अभी जाना है 
बाधाएँ आयेंगी रास्ते में बहुत तुम्हारी 
लेकिन तुम्हें उनसे नहीं घबराना है। 


कहीं छल -बल से तो कहीं कलंक लगाकर 
हिम्मत तुम्हारे तोडेंगी ये बाधाएँ 
चल पड़े हो जिस पथ पर तुम ,अगर है सही वो 
तो तुम्हे तनिक भी नहीं घबराना है। 

सफलता ऐसे ही नहीं मिलती ये बहुत परीक्षा लेती 
ये कभी कुछ ख़िला दे 
तो  कभी  भूखे ही सुलाती है। 
ये अपने आशिक को हर तरह के दिन देखलाती है। 

सफलता एक ही है मूल मंत्र ,मेहनत है उसका नाम 
जो इससे घबराता है ,वह कभी भी इसे नहीं पाता है। 


                                                :-  पुरुषोत्तम कुमार 






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